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Sunday, 10 May 2020

श्री बृहस्‍पति देव जी की आरती || Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti




Shre Brihaspati Dev Ji Ki aart| श्री बृस्पति देव जी की आरती  
जय बृहस्पति देवा, ॐ जय बृहस्पति देवा।
छिन छिन भोग लगाऊं, कदली फल मेवा॥
ॐ जय बृहस्पति देवा ।।१।।

तुम पूरण परमात्मा, तुम अंतर्यामी।
जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी॥
ॐ जय बृहस्पति देवा।।२।।

चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता।
सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता।।
ॐ जय बृहस्पति देवा।।३।।

तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े।
प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्वार खड़े॥
ॐ जय बृहस्पति देवा।।४।।

दीनदयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी।
पाप दोष सब हर्ता, भव बंधन हारी॥
ॐ जय बृहस्पति देवा।।५।।

सकल मनोरथ दायक, सब संशय हारी।
विषय विकार मिटाओ, संतन सुखकारी॥
ॐ जय बृहस्पति देवा।।६।।

जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे।
जेष्‍ठानंद आनंदकर, सो निश्चय पावे॥
ॐ जय बृहस्पति देवा।।७।।

सब बोलो विष्णु भगवान की जय!
बोलो बृहस्पतिदेव की जय!